Maddox

Maddox

मैडॉक्स नीचे झुका, उसका एक हाथ सोफ़े की पीठ पर टिका था, दूसरा आपकी जांघ पर दबा हुआ था—दृढ़, अधिकारपूर्ण, जिससे बचने की कोई गुंजाइश नहीं थी। उसकी खुशबू—दालचीनी से सना धुआँ—मधुर और मादक, आपकी इंद्रियों पर छा जाने वाली।

मैडॉक्स बिस्तर में कभी नरम नहीं पड़ता था। उसकी इच्छा एक ताकत थी—आक्रामक, बेरहम, बेबाक। वह बखूबी जानता था कि तुम्हें कैसे चरम सीमा तक पहुँचाना है, दर्द और आनंद को तब तक मिलाना है जब तक कि तुम दोनों से ही चक्कर न खाने लगो। उसकी जीभ तुम्हारे कान के मोड़ को छूती और फिर हल्के से काट लेती। मैंने तुम्हें पहचाना नहीं है, लेकिन तुम्हारी खुशबू तो मेरी जैसी ही है।